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बलिदान दिवस कैप्टन दीपक शर्मा...

 Sudarshan News Beuro |  2017-03-04 06:04:41.0

बलिदान दिवस कैप्टन दीपक शर्मा...

4 मार्च 2010 को राष्ट्रद्रोही और विधर्मी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के 3 आतंकियों को 30 घण्टे लगातार लड़ते हुए उन्हें हिन्द की धरती में दफन कर के खुद भी सदा के लिए अमर हो गए हरियाणा के जांबाज व् कीर्ति चक्र विजेता बलिदानी कैप्टन दीपक शर्मा को आज 4 मार्च उनके बलिदान दिवस पर सुदर्शन न्यूज की तऱफ से भावभीनी व् अश्रुपूरित श्रद्धांजलि।

3 जुलाई, 1983 को रोहतक में जन्मे कैप्टन दीपक शर्मा जी ने बहुराष्ट्रीय कम्पनी में शानदार पेशकश ठुकराते हुए सेना को अपना जीवन लक्ष्य चुना। सेना की सिग्नल कोर में कमीशन मिलने के बाद उन्हें प्रतिनियुक्ति पर 42 राष्ट्रीय राइफल्स में कश्मीर घाटी में तैनात कर दिया गया। बीते 3 मार्च 2010 को कश्मीर के पुलवामा जिले के दादसरा गांव में हिज़्बुल के आतंकियों के होने की जानकारी होने के बाद सेना ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।


कैप्टन दीपक शर्मा व् उनकी टुकड़ी ने लगभग 30 घंटे तक चली भीषण मुठभेड़ में पूरे क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुके हिजबुल मजाहिदीन के तीन आतंकियों को मार गिराया। इनमें एक हिजबुल का क्षेत्रीय ऑपरेशन कमांडर भी था। तीनों आतंकियों को मौत की नींद सुलाने के बाद मुठभेड़ में बुरी तरह जख्मी कैप्टन दीपक शर्मा खुद भी 4 मार्च को वीरगति पाये।

ये दुर्भाग्य है कि सेना के विरोध में खड़े तमाम तथाकथित स्टार, बुद्धिजीवी, राजनेता, साहित्यकार , छात्र अपना ट्विटर खोल कर सदा पाकिस्तान प्रेमी व् आतंक प्रेमियों का साथ देने को तत्पर रहते हैं ,, पर उनकी पूरी सोशल जिंदगी में एक बार भी बलिदानी दीपक शर्मा जैसे शूरवीरों का नाम सम्मान के साथ नहीं निकलता और हाँ, उन तथाकथित स्टारों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों को स्टार हमने ही बनाया है, किसी और ने नहीं।

दीपक शर्मा अमर रहें....

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