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विकीलीक्स का दावा, टीवी और स्मार्टफोन के जरिए लोगों की जासूसी कर रहा है सीआईए

 Sudarshan News Beuro |  2017-03-08 11:08:22.0

विकीलीक्स का दावा, टीवी और स्मार्टफोन के जरिए लोगों की जासूसी कर रहा है सीआईए

वॉशिंगटन : विकीलीक्स ने दावा किया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी (सीआईए) स्मार्ट टीवी, स्मार्टफोन और एंटी वायरस सॉफ्टवेयर के जरिए लोगों की जासूसी कर रहा है। ये खुलासा मंगलवार को विकीलीक्स द्वारा लीक डॉक्युमेंट्स से हुआ है। डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, गैजेट्स में सेव ऑडियो फाइल्स, फोटोज और प्राइवेट टेक्स्ट पर भी सीआईए की नजर है। यहां तक की कम्युनिकेशन के लिए इस्तेमाल हो रहीं एनक्रिप्टेड एप्लीकेशन्स भी सुरक्षित नहीं हैं।

हालांकि, इन डॉक्युमेंट्स के प्रमाणिक होने की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन इन दस्तावेजों का अध्ययन करना शुरू कर चुके विशेषज्ञों का कहना है कि जारी किए गए दस्तावेजों से सीआईए हिल जाएगी। सभी डॉक्युमेंट्स सीआईए के सेंटर फॉर साइबर इंटेलिजेंस से लिए गए हैं। जॉर्जिया की एक कंपनी अगस्ता रेंडिशन इनफोसेक के विशेषज्ञ का कहना है कि यह काफी चौंकाने वाली बातत है कि लोग अपने कैरियर बदल लेते हैं और जैसे ही हम पर्दाफाश करने वाले होते हैं वो अपना कैरियर ही खत्म कर देते हैं।


विकीलीक्स ने टेक्निकल टॉपिक्स से रिलेटेड 8,761 डॉक्युमेंट्स लीक किए हैं। इनमें सीआईए की हैकिंग टेक्नोलॉजी का ब्यौरा है। इसके मुताबिक, सीआईए लोगों के स्मार्ट टीवी को सर्विलांस डिवाइस के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। इसमें यह भी बताया गया है कि सीआईए अमेरिकन सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स और स्मार्टफोन्स को जासूसी के लिए इस्तेमाल करने पर काम कर रहा है। इनमें एप्पल के आईफोन, गूगल का एंड्रॉयड और माइक्रोसॉफ्ट विंडोज शामिल हैं।

विकीलीक्स के मुताबिक, सीआईए सुरक्षित मानी जाने वालीं कई एनक्रिप्टेड कम्युनिकेशन एप्लीकेशन्स की जासूसी कर रही है। इनमें सिग्नल, टेलीग्राम और वॉट्सएप भी शामिल हैं। एजेंसी बायपास प्रोसेस के जरिए एनक्रिप्शन को क्रैक किए बिना यूजर्स का डाटा देख रही है। विकीलीक्स ने दावा किया है कि इसे मिले दस्तावेजों से पता लगा है कि Weeping Angel नाम के एक टीवी प्रोग्राम के जरिए टीवी दिखाई देगा कि बंद है लेकिन वास्तव में यह आपकी बातें सुन रहा होगा। विकीलीक्स ने कहा कि टीवी की ऑडियो सैमसंग के आधिकारिक सर्वर में जाने की जगह यह सीआईए के सर्वर में जाती है। कई मामलों में यह ऑडिया सिर्फ एक टीवी कमांड नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की बातें भी होती हैं।

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